ग्रीक योगर्ट साधारण दही की तुलना में अधिक गाढ़ा होता है और इसमें प्रोटीन की अधिक मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण वर्कआउट करने वाले लोग इसे अधिक पसंद करते हैं। ग्रीक योगर्ट में दही की तुलना में कम चीनी और अधिक प्रोटीन होता है। एक कप ग्रीक योगर्ट में 23 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जबकि दही में 14 ग्राम प्रोटीन होता है।
ग्रीक दही में प्रोटीन की मात्रा आमतौर पर प्रति 100 ग्राम तक होती है। यह मात्रा ब्रांड और उत्पाद के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती है, इसलिए इसे उत्पाद के पैकेज पर दिए गए नुत्रीशन लेबल से जांचना बेहतर होगा। आपके निर्माता द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर, आप ग्रीक दही के प्रति पोर्शन में कितना प्रोटीन प्राप्त करेंगे, यह निर्धारित कर सकते हैं।
ग्रीक दही के कई फायदे हैं। यहां कुछ मुख्य फायदे हैं:
पौष्टिकता: ग्रीक दही उच्च प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी12 जैसे पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। यह शक्ति प्रदान करने में मदद कर सकती है और सामग्री के विभिन्न पहलुओं के लिए शारीर को पोषण प्रदान कर सकती है।
पाचन स्वास्थ्य: ग्रीक दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आपके पाचन स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं। यह आपकी आंतों में सहायक बैक्टीरिया को पोषित करता है, जो पाचन प्रक्रिया को सुधारने में मदद करता है और अपच, गैस और बदहजमी को कम कर सकता है।
वजन प्रबंधन: ग्रीक दही में उच्च प्रोटीन और कम कैलोरी होती है, जो वजन प्रबंधन में मदद कर सकती है। इसका सेवन करने से आपको भोजन के बाद अधिक संतृप्ति महसूस हो सकती है और आपको बाकी में भोजन की इच्छा कम हो सकती है।
हड्डी स्वास्थ्य: ग्रीक दही कैल्शियम का अच्छा स्रोत होती है, जो हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है। यह आपकी हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी हड्डी संबंधी बीमारियों की रिस्क को कम कर सकता है।
यूरिनरी स्वास्थ्य: ग्रीक दही यूरिनरी स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। यह प्रोटीन के साथ-साथ पोटैशियम की मात्रा भी प्रदान करती है, जो स्वास्थ्यपूर्ण मूत्रमार्ग कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण होता है।
उच्च प्रोबायोटिक्स: ग्रीक दही में प्रोबायोटिक्स (योगर्ट के गुणकारी बैक्टीरिया) होते हैं, जो आपकी आंतरिक माइक्रोबायोम को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। यह सिस्टमिक स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने में मदद करता है।
मानसिक स्वास्थ्य: ग्रीक दही के नियमित सेवन से मानसिक स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है। यह स्त्रेस को कम करने, मन को शांत करने और न्यूरोट्रांसमिटरों को संतुलित करने में मदद कर सकता है।
डायबिटीज का नियंत्रण: ग्रीक दही का सेवन मधुमेह (डायबिटीज) के प्रबंधन में मदद कर सकता है। इसमें कम उच्च कार्बोहाइड्रेट होते हैं और उच्च प्रोटीन और योगर्ट के अनुभव किए गए संयंत्र आधारित बैक्टीरिया होते हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं।
बालों और त्वचा के लिए लाभदायक: ग्रीक दही में मौजूद प्रोटीन और पोटैशियम स्वस्थ बालों और त्वचा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। यह बालों को मजबूत और चमकदार बना सकता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार रख सकता है।
लक्षणों को कम करना: ग्रीक दही में मौजूद गुणकारी बैक्टीरिया आपके शरीर के अंदर की कीटाणुओं को नष्ट करने में मदद कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, यह आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है और आपको संक्रमणों और अन्य रोगों से बचाने में मदद कर सकता है।
स्वस्थ डाइजेस्टिव सिस्टम: ग्रीक दही पाचन प्रणाली के लिए उपयोगी होती है। यह आपकी आंतों में सहायक बैक्टीरिया को पोषण प्रदान करती है, जो पाचन प्रक्रिया को सुधारने में मदद करते हैं और अपच, गैस, और बदहजमी को कम कर सकते हैं। यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को स्वस्थ और सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करती है।
हृदय स्वास्थ्य: ग्रीक दही में थायमिन, मैग्नीशियम, और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं जो हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन तत्वों का सेवन हृदय के रक्त प्रवाह को सुधार सकता है, रक्तचाप को नियंत्रित कर सकता है और हृदय संबंधी समस्याओं की रिस्क को कम कर सकता है।
ग्रीक दही बनाने के लिए आपको नीचे दिये गये सामग्री की आवश्यकता होगी:
- 1 लीटर दूध
- 2-3 टेबलस्पून योगर्ट (प्राकृतिक, नमकीन नहीं)
- शहद का छोटा स्पून (Optional)
यहां ग्रीक दही बनाने की प्रक्रिया है:
- एक कटोरे में दूध लें और उसे एक पतले-पतले पतले बर्तन में ढालें।
- दूध को मध्यम आग पर गरम करें। यहां ध्यान दें कि दूध को बेहद गरम न करें, जो कि दूध को जमाने के लिए जरूरी है।
- दूध को एक बार उबलने दें और फिर उसे ठंडा होने दें। ध्यान दें कि दूध को पूरी तरह ठंडा होने नहीं देना है, बल्कि सिर्फ गर्माहट को कम करना है।
- दूध के साथ योगर्ट डालें और अच्छी तरह से मिलाएं। यदि आप चाहें, तो इसमें थोड़ी मात्रा में मधुमक्खी भी मिला सकते हैं।
- मिश्रण को अच्छी तरह से घुमाएँ ताकि योगर्ट का उपकारी बैक्टीरिया दूध में अच्छे से मिल जाए।
- एक छिद्रित कंटेनर में मिश्रण को सुरक्षित रखें और उसे ठंडे स्थान पर रखें।
- अब आपको दही को ठंडे स्थान पर 6-8 घंटे तक धीमे गर्माहट पर रखना होगा, ताकि उपयोगी दूध को जमाने के लिए सक्रिय हो सकें। यह एक प्रक्रिया है जिससे दही तैयार होती है।
- 6-8 घंटे के बाद, दही को ठंडे स्थान पर रखें और उसे ठंडा होने दें। जब दही ठंडी हो जाएगी, तो आप इसे उपयोग कर सकते हैं।
